गर्ग- ब्रम्हाणी माता
गंगवाल- हिंगलाज माता(द्वितीय मत)
गंगवाल- जमवाय माता (प्रथम मत)
गादिया(मोहीपुर)- अधरदेवी
गांधी-सच्चियाय माता
गांधी(बाफना)- सच्चियाय माता
गांधी(संचेती)- सच्चियाय माता
गांधी(श्रेष्ठी)- सच्चियाय माता
गांधी(दूधिया)- सच्चियाय माता
गांधी(राय)- आशापुरा माता
गांधी(खड)- पतंगा माता
गांधी(सालेचा)- अम्बा माता
गांधी(मेहता)- आशापुरा माता
गांधी(सहस्त्रगुणा)- अधरदेवी
गांधी(गुणधर चोपड़ा)- सच्चियाय माता
गांग(मोहीपुर)- अधरदेवी
गोलेछा- दादी माँ(सती,सेतरावा)(प्रथम मत)
गोलेछा(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता(द्वितीय मत)
गोलेच्छा- नागणेशी माता(तृतीय मत)
(टीप- गोलेच्छाओ की 3 कुल देवी का नाम मिलता है
सही जानकारी के लिए कुलगुरुओ से सम्पर्क करें)
गोधा(बाफना)- सच्चियाय माता
गोठी- अधरदेवी
गिड़ीया(मोहीपुर)- अधरदेवी
गुंदेचा/गुंदेशा- रोहिणी माता
गुंदेचा- सच्चियाय माता(द्वितीय मत)
कुलदेवियो पर किताब जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के लिए मेरे द्वारा लिखी गई थी, जब प्रदेश की सीमाओं के बाहर किताब के चले जाने के बाद यह महसूस हुआ कि ऐसी कोई व्यवस्था हो जिससे लगभग अधिकतम जैन गोत्र संकलित हो जाए और समय समय पर संशोधन संभव हो सके, यह ब्लाग द्वारा ही संभव लगा,सच्ची घटनाओंके लिए के लिए देखे-renikjain@blog.spot.com, My email for correction,Feedback,addition is- renikbafna@gmail.com, Whatsapp- 94063-00401(मेरी किताब खरीदने के लिए वाट्सएप नं 94063 -00401 पर ही संपर्क करे )
Sunday, 19 July 2020
ग अक्षर से
झ अक्षर से
झाबक- आशापुरा माता
झाबक- मावड़ी देवी(या बायो सा,ग्राम बाप)(हालांकि
ये गलत लगता है,इतिहास देखे)
झम्बक- आशापुरा माता
झम्बड़- आशापुरा माता
झ अक्षर से
झाबक- आशापुरा देवी
झाबक- मावड़ी देवी(बायोसा,ग्राम बाप)(हालांकि ये
सही नही लगता)
झंबक- आशापुरा माता
झम्बड़- आशापुरा माता
र अक्षर से
रतनपुरा(रतनपुर)- आशापुरा देवी
राखेचा- खेतपाल जी,ग्राम आऊ, फलोदी( हालांकि
भैरव जी कुलदेवता है पर किसी कुलदेवी के
साथ ही होंगे)
राखेचा-लोदरमाता
रायजादा-(बाफना)- सच्चियाय माता
रामपुरिया(गोलेछा)- नागणेशी माता
रामपुरिया- सच्चियाय माता
रांका- अम्बा माता
रांका- भैरवजी(बागसुरी,जि.-अजमेर)(हर देवी के साथ
भैरव जी पूजे जाते है,अतः किसी कुलदेवी के
साथ ही रहेंगे)
रांका- अधर देवी
रांका/राका(बलाहा)- सच्चियाय माता
स अक्षर से
सकलेचा/सखलेचा/संखलेचा-शंखेश्वरी देवी
(उपरोक्त सखलेचा आदि गोत्र सुखवाल गोत्र के अपभ्रंश नाम माने गए है,देवी का स्थान-ग्राम शंखावाली है, श्री अशोक संखलेचा, भूणिया बाड़मेर से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
सराफ(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता
सराफ(आदित्यनाग)- नागणेशी माता(द्वितीय मत)
सराफ(चौरड़िया)- सच्चियाय माता
सराफ(नाबरिया)- सच्चियाय माता
सावनसुखा(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता
सावनसुखा(आदित्यनाग)- नागणेशी माता(द्वितीयमत)
सेठ(बलाहा)- सच्चियाय माता
सेठ- अधरदेवी
सेठिया(बलाहा)- सच्चियाय माता
सेठिया(सोलंकी,नाना)- अम्बा माता
सेठिया(नाग,नाना)- अम्बा माता
सेठिया- अधरदेवी
संचेती- सच्चियाय माता
संघवी(तातेड़)- सच्चियाय माता
संघवी(बाफना)- सच्चियाय माता
संघवी(कर्नावट)- सच्चियाय माता
संघवी(संचेती)- सच्चियाय माता
संघवी(बलाहा)- सच्चियाय माता
संघवी(मोरख)- सच्चियाय माता
संघवी(श्रेष्ठी)- सच्चियाय माता
संघवी(कुलहठ)- सच्चियाय माता
संघवी(श्रीश्रीमाल)- सच्चियाय माता
संघवी(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता
संघवी(आदित्यनाग)- नागणेशी माता(द्वितीय मत)
संघवी(कुमट)- सच्चियाय माता
संघवी(चिंचट)- सच्चियाय माता
संघवी(चौरड़िया)- नागणेशी माता
संघवी(सुखवाल)- शंखेश्वरी देवी
सिंघवी(वीरहठ)- सच्चियाय माता
सिंघवी(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता
सिंघवी(ननवाना,ग्राम-सिरोही)- पुंडरीक नाग देवता
सिंगी(लघुश्रेष्ठी)- सच्चियाय माता
सिपानी(आदित्यनाग)- सच्चियाय माता
सिपानी(आदित्यनाग)- नागणेशी माता(द्वितीय मत)
सियाल(सुराना)- सुसवाणी माता
सिसोदिया- सच्चियाय माता
सिसोदिया(गहलोत)- बाणमाता
सांखला- योगमाता(बालेसर)
सांखला- अम्बा माता
सांखला(परमार)- ??
सांखला(कर्नावट)- सच्चियाय माता
सांखला(सुराणा)- सुसवाणी माता
सांड- अम्बा माता
सांड(सालेचा)- अम्बा माता
सांड(कुकड़चोपडा)- सच्चियाय माता
सांड(सुराणा)- सुसवाणी माता
सोलंकी(नाना)- अम्बा माता
सुराणा- सुसवाणी माता
सुग्गड(आघट)- नागणेशी माता
सुखवाल-शंखेश्वरी देवी
न अक्षर से
नवलखा- राणीसती दादीमाँ
नवलखा(ननवाना, ग्राम सिरोही)- पुंडरीक नाग देवता
नवलखी-अम्बाजी
नाहर- भवानी माता
नाहर- अधरदेवी
नाहर(फलोदी वाले,मंदिरमार्गी)- नागौर की देवी
नाहर(स्थानकवासी)- सच्चियाय माता
नाहटा(बाफना)- सच्चियाय माता
नाहटा(रतनपुर)- आशापुरा देवी
नामाणी- सच्चियाय माता
निवाणी- अम्बा माता
निमाणी- ??
ड अक्षर से
डोसी /दोषी- अम्बादेवी
डागा(रतनपुर)- आशापुरादेवी
डागा(देशग्राम)- आशापुरा देवी
डूंगरवाल- सच्चियाय माता
डुंगरेचा-(बाफना)- सच्चियाय माता
डूंगरवाल- ?? (पर भैरव जी ,जामुनिया,उज्जैन के पास
मानते है)
डुंगररिया(तातेड़)- सच्चियाय माता